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http://binodbikal.blogspot.com/
कविता : जिन्दगी....
यस्तै रैछ जिन्दगी जसो तसो जिउनु पर्ला !
जति ठाउमा फाटे पनि जतनले सिउनु पर्ला !!
By binod17 at 02/13/2010 - 18:36
गीति कविता
बिनोद ढकाल (स्पेन)
http://binodbikal.blogspot.com/
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