मझेरी आकर्षण
लग-इन (भित्र)
बिधा सूची
मैथिली रचना
कमजोरी समाजक आओर शैक्षिक जगतके !
ks — Sun, 04/08/2012 - 13:12
प्रिय चेली,
सन् २०१२ क मार्च ८ काल्हि मात्रे छल आ सेहो काहिल्ये खतम भेल । पैघपैघ नेतानेतृ आ नीति निर्मातासभ भव्य मञ्चपर भव्य बातचितसभ केलाह । ओ बातचितसभ आलिसान महलक मखमली विस्तरापर बैसक कयल गेल छल । ओ हुनकेसभक लेल छल । तोरा आ हमरसभक लेल नहि छल । ओ अहङ्कारीसभक ललिपप चटाबैबाला गप्प छल । छल, ओसभ एके बेर उठाक छतसँ जमिनपर खसाबैबला बात ।
हम युद्ध नहीं जित सकल छी
kbs — Sat, 11/26/2011 - 19:44
(१) शान्ति आ सुव्यवस्थाकेँ अस्त्र बनेलिही
केलही, बहुत केलही
सभकऽ मनमनमे ढोल बजेलिही
जीवनमे बारम्बार भूकम्प आनलिही
सडक गरमेलही, निद्रा उडेलही
सपना बाटलिही, अस्थिर भविष्य देलही
कमै चेतना दैक ललिपप चटवैत
प्रगतिवादी साहित्यक यात्रामे एकटा नवका इतिहास : “मिथिला मुक्तिके संनेश”
kbs — Mon, 06/27/2011 - 19:04
प्रगतिवादी कला, संस्कार, सस्कृति आओर जनसाहित्य समाज रुपान्तरके एकटा बहुत भारी नमहर बैचारिक हतियार अइछ । प्रगतिशिल समाजिक जीवन निर्माणमे प्रगतिवादी कला साहित्यके बहुत नमहर भुमकिा रहैत अइछ । गलत संस्कार, संस्कृति आओर बुर्जुवा कला साहित्यके भण्डाफोर करैत जखन नयाँ ढंगके प्रगतिवादी यर्थाथवादी कला, साहित्यमे नवका इतिहास थपैत अइछ तखन हमर मन खुशीसे गदगद होइत अइछ । सामाजवादी यर्थाथवादी कला आ जनसाहित्यक सुन्दरता उपर अहेन निमन निखारल कलमक प्रस्तुतिसे जनसाहित्य दुनियाँमे थप उत्साह और मनोबल पैदा केने अइछ ।
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महिनाको मझेरी छनौट
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