पेड पौधासनके अदभूत दुनिया

जे तरे जनावर के अलग संसार होला, मानव के अलग संसार होला ओहि तरे पेड पौधासन के भी आपन एगो अलगे संसार होला ।
बडा दुःखके बात बा कि जे तरे मानव के, जनावर आदिके विकास, किसीम ओकरा बारेमे ज्यादा से ज्यादा जानकारी हमनीके सरलता के साथ मिल जाला ओहितरे पेड पौधासनके प्रकृती तथा ओकरा बारेमे जानकारी ना मिलेला ।
आजकालके मुख्यमुख्य समस्यासन मे जंगल के कटानी तथा पेड पौधा के बिनाश एगो प्रमुख समस्या होगइल बा ।
इसब विनाशके पिछे अशिक्षा तथा धनके लालचके प्रमुख भूमिका रहल बा । धनके लोभि लोग धनके लालच मे एगो बहुत बडा अनर्थ कर रहल बा । जेकर परिणाम सभी केहु भुगतता । जइसे आजकाल हमनी रोज रेडियो आउर टि वी पर बाढ के कारण फलाना गांव दह गईल आउर हेतना आदमी के जान गईल जइसन समाचार सुनत बानि जा । इसब जंगलके कटानीयेके फल ह । जउन करता केहु, भरता केहु ।
जे तरह से मानव के समाज बा ओहि तरे जंगल तथा पेड पौधासनके भी समाज बा । जेकर आपन आपन विशेषता बा । जे तरे मानव मे सभे केहु सभ्य, समझदार नाहोला ओहितरे पेड पौधासन मे भि खतरनाक तथा जहरीला पेड पौधा मिलेला लेकिन फिर भी मानव आउर पेड पौधामे बडा फर्क बा मानव खतरनाक होइ त उ विनाशे करी भलाइ नाकरे सकि लेकिन पेड पौधा खतरनाक होके भि मानव के बचावेला जैसे सभे के मालुम बा कि हरेक प्राणी के बाचे खातीर सांस लेहल जरुरी बा विना सांस लेके केहु ना बाचे सकि आउर जउन सांस हमनी लेवेनी ओमे आक्सीजन के मात्रा रहेला । विना आक्सीजन के हमनी ना बाचे सकेमसन ओहिसे आक्सीजन हावाके बहुत महत्व बाटे ।
हम इ बता देवेके चाहतानी कि इ जउन आक्सीजन हमनी खातीर महत्वपूर्ण बा उ हमनी पेड पौधा के माध्यम से हि प्राप्त करेनिसन काहेकि पेड पौधासन नाइट्रोजन के ग्रहण करके हमनी ला आक्सीजन छोडेला । अर्थात मानव के बाचे खातिर चाहेवाला अत्यन्त जरुरी हावा आक्सीजन पेड पौधा के जरीये हि मिलेला । ओहिसे पेड पौधा खतरनाक हो के भि मानव के जियावे मे मद्दत करेला बाकि मानव ओकरे के मुवावेके चाहेला आ मुवावतो बा ।
आजके संसारमे प्रकृतीद्धारा मानवके तथा प्राणीके कल्याण खातिर उपहार स्वरुप प्राप्त भईल पेड पौधासन के बहुत बडका महत्व बा । एकरा के छोटकरीमे हमनि कह सकतानीसन कि एगो प्राणी के बचावे खातिर औषधी के रुपमे, श्रृंगार खातिर फर्निचर के रुपमे, खाना बनावे खातिर जलावनके रुपमे तथा मृत्यु पश्चात जरावे खातिर तक इ पेड पौधासन हमनी के मद्दत करेला ।
पेड पौधाके दुनिया रोचक हि ना अदभूत बा जेकर अपने आपन विशेषता बाटे । आउर इ विशेषता अइसन बा कि अपनहु सब आश्चर्यमे पड जाएम ।
आजु हम अइसने पेड पौधासनके उल्लेख करे जारहल बानि । फूल भा फल देवेवाला अनेको पेड पौधा के नाम त अपनहुलोगन के मालुम होई, लेकिन कहि के हु अपने से पुछे कि दुध के गाछि कौन ह, मोमबत्तीके गाछि कउन ह, गोला बरसाएवाला गाछि कउन ह, चाहे रोटि देवेवाला गाछि कउन ह । तब त रउवा जरुरे आपन दिमाग दउराएम, सोचेम भा कहदेम नइखे मालुम ।
आई आजु उपर्युक्त अदभूत विशेषता वाला पेड पौधासन के बारेमे जानकारी लेहल जाव ।
यात्रुलोग के मद्दतगार गाछि
मेडागास्कर द्वीप मे यात्रुलोग के मद्दत करेवाला अदभूत किसिमके गाछिसन मिलेलसन, जेकराके लोग ट्रेवलर्स ट्री कहेले । इ गाछि के विशेषता इ बा कि भूख प्यास से थाकल हारल यात्री इ गाछि के पत्ता मे छेद करके आपन प्यास बुझालेला, काहेकि इ गाछि के जउन स्थान से पत्ता निकलेला उहवा प्रचुर मात्रामे पानि निकलेला तथा ओनेसे यात्रा करेवाला यात्री आपन प्यास बुझावेखातिर उ गाछि के पत्ता मे छेद करेला जेमेसे पानी निकलेला अउर यात्री पानी पीके आपन प्यास बुझालेला ।
रोटी देवेवाला गाछि
जे तरे जनावर के अलग संसार होला, मानव के अलग संसार होला ओहि तरे पेड पौधासन के भी आपन एगो अलगे संसार होला ।
बडा दुःखके बात बा कि जे तरे मानव के, जनावर आदिके विकास, किसीम ओकरा बारेमे ज्यादा से ज्यादा जानकारी हमनीके सरलता के साथ मिल जाला ओहितरे पेड पौधासनके प्रकृती तथा ओकरा बारेमे जानकारी ना मिलेला ।
आजकालके मुख्यमुख्य समस्यासन मे जंगल के कटानी तथा पेड पौधा के बिनाश एगो प्रमुख समस्या होगइल बा ।
इसब विनाशके पिछे अशिक्षा तथा धनके लालचके प्रमुख भूमिका रहल बा । धनके लोभि लोग धनके लालच मे एगो बहुत बडा अनर्थ कर रहल बा । जेकर परिणाम सभी केहु भुगतता । जइसे आजकाल हमनी रोज रेडियो आउर टि वी पर बाढ के कारण फलाना गांव दह गईल आउर हेतना आदमी के जान गईल जइसन समाचार सुनत बानि जा । इसब जंगलके कटानीयेके फल ह । जउन करता केहु, भरता केहु ।
जे तरह से मानव के समाज बा ओहि तरे जंगल तथा पेड पौधासनके भी समाज बा । जेकर आपन आपन विशेषता बा । जे तरे मानव मे सभे केहु सभ्य, समझदार नाहोला ओहितरे पेड पौधासन मे भि खतरनाक तथा जहरीला पेड पौधा मिलेला लेकिन फिर भी मानव आउर पेड पौधामे बडा फर्क बा मानव खतरनाक होइ त उ विनाशे करी भलाइ नाकरे सकि लेकिन पेड पौधा खतरनाक होके भि मानव के बचावेला जैसे सभे के मालुम बा कि हरेक प्राणी के बाचे खातीर सांस लेहल जरुरी बा विना सांस लेके केहु ना बाचे सकि आउर जउन सांस हमनी लेवेनी ओमे आक्सीजन के मात्रा रहेला । विना आक्सीजन के हमनी ना बाचे सकेमसन ओहिसे आक्सीजन हावाके बहुत महत्व बाटे ।
हम इ बता देवेके चाहतानी कि इ जउन आक्सीजन हमनी खातीर महत्वपूर्ण बा उ हमनी पेड पौधा के माध्यम से हि प्राप्त करेनिसन काहेकि पेड पौधासन नाइट्रोजन के ग्रहण करके हमनी ला आक्सीजन छोडेला । अर्थात मानव के बाचे खातिर चाहेवाला अत्यन्त जरुरी हावा आक्सीजन पेड पौधा के जरीये हि मिलेला । ओहिसे पेड पौधा खतरनाक हो के भि मानव के जियावे मे मद्दत करेला बाकि मानव ओकरे के मुवावेके चाहेला आ मुवावतो बा ।
आजके संसारमे प्रकृतीद्धारा मानवके तथा प्राणीके कल्याण खातिर उपहार स्वरुप प्राप्त भईल पेड पौधासन के बहुत बडका महत्व बा । एकरा के छोटकरीमे हमनि कह सकतानीसन कि एगो प्राणी के बचावे खातिर औषधी के रुपमे, श्रृंगार खातिर फर्निचर के रुपमे, खाना बनावे खातिर जलावनके रुपमे तथा मृत्यु पश्चात जरावे खातिर तक इ पेड पौधासन हमनी के मद्दत करेला ।
पेड पौधाके दुनिया रोचक हि ना अदभूत बा जेकर अपने आपन विशेषता बाटे । आउर इ विशेषता अइसन बा कि अपनहु सब आश्चर्यमे पड जाएम ।
आजु हम अइसने पेड पौधासनके उल्लेख करे जारहल बानि । फूल भा फल देवेवाला अनेको पेड पौधा के नाम त अपनहुलोगन के मालुम होई, लेकिन कहि के हु अपने से पुछे कि दुध के गाछि कौन ह, मोमबत्तीके गाछि कउन ह, गोला बरसाएवाला गाछि कउन ह, चाहे रोटि देवेवाला गाछि कउन ह । तब त रउवा जरुरे आपन दिमाग दउराएम, सोचेम भा कहदेम नइखे मालुम ।
आई आजु उपर्युक्त अदभूत विशेषता वाला पेड पौधासन के बारेमे जानकारी लेहल जाव ।
यात्रुलोग के मद्दतगार गाछि
मेडागास्कर द्वीप मे यात्रुलोग के मद्दत करेवाला अदभूत किसिमके गाछिसन मिलेलसन, जेकराके लोग ट्रेवलर्स ट्री कहेले । इ गाछि के विशेषता इ बा कि भूख प्यास से थाकल हारल यात्री इ गाछि के पत्ता मे छेद करके आपन प्यास बुझालेला, काहेकि इ गाछि के जउन स्थान से पत्ता निकलेला उहवा प्रचुर मात्रामे पानि निकलेला तथा ओनेसे यात्रा करेवाला यात्री आपन प्यास बुझावेखातिर उ गाछि के पत्ता मे छेद करेला जेमेसे पानी निकलेला अउर यात्री पानी पीके आपन प्यास बुझालेला ।
रोटी देवेवाला गाछि
ऋभि तक त अपने गहु के रोटी भा दोसर कउनो आटासे बनल रोटी के बात सुनले होखेम लेकिन दक्षिणी समुन्द्रके टापूसन मे मिलेवाला एगो गाछि के ब्रेड फ्रूट ट्री कहल जाला । इ गाछि के फल पाक गइला के बाद तुर लेहल जाला अउर पातर पातर काट के आगी पर रोटी लेखा सेंक लेहल जाला । अपने के जानके हैरानी होखी कि सेंकला पर ई रोटी लेखा फूलीयो जाला अउर खइला पर एकर स्वाद एकदम रोटी खानी लागेला ।
गोला बरसावेवाला गाछि
युद्धक विमान, तोप भा राकेट के गोला बरसावे वाला समाचार त हमनीके हरदम अखवार मे पढेके भा दुरदर्शन पर देखेके मिल जाला बाकि जब कउनो गाछि गोला बरसावे लागे त बात एकदम सोचेवाला होजाला । दक्षिण अमरीका के गर्म अउर नम प्रदेशनमे मिलेवाला कैनन बाल ट्री एगो अइसन गाछि ह जेकर फल बहुत बडका तथा पुरान तोपके गोला जइसन होला । प्रत्येक फल के व्यास लगभग २० सेंटीमिटर होला । डांढि अउर शाखासन मे पहिले बडका बडका उजर भा गुलावी फूल निकलेला जेमे तोपके गोला खानी फल बनेला । फल के छिलका बडि बडका होला । जमीन पर गीरला से ई फल बहुत जोर के आवज से फाटेला । इ फल कहि कउनो जानवर भा मनुष्य के उपर गिर जायी त गंभीर चोट लागेला अउर ऐसे मौत भि हो सकताटे ।
सबसे स्वादिष्ट बाकि सबसे दुर्गन्धपूर्ण
इंडोमलाया के मूल वासी डुरियन ट्री बडा हि विचित्र गाछि ह । कहल जाला कि एकरा जइसन स्वादिष्ट फल दुनियामे दोसर कउनो नइखे । बाकि स्वादिष्ट होखला के साथेसाथे ई अति दुर्गन्धयुक्त फल ह ।
दुध देवेवाला गाछि
दक्षिण अमरीका के वेनजुएला प्रान्त मे एगो अइसन जात के गाछि मिलेला जेकर डाढि मे केहुतरे छेद कर देलापर प्रचुर मात्रामे उजर तरल पदार्थ जइसन निकलेला जउन दुध खानी मिठ होला । ओह क्षेत्रके लोग ओकर प्रयोग दुधके रुपमे करेला आउर ऐतने ना, इ गाछि के नामकरण भि ओकनीसन दुध देवे वाली गौ–माता के तर्ज पर गौ वृक्ष कर देलेबाडसन ।
मोमबत्ती गाछि
शायद अपनेके जानके आश्चर्य होई कि पनामा मे एगो अइसन गाछि मिलेला जेकर फल एकदम मोमबत्ती जइसन होला आउर खाली देखेमे ही ना, काम भी मोमबत्तीके जइसन ही रोशनी देवेके होला । इहे कारण से इ गाछि के मोमबत्ती वृक्ष (कैंडिल ट्री) कहल जाला । ई गाछि के प्रत्येक फल करीब १२० सेंटीमिटर आ पीयर रंगके होला । मोमबत्तीये जइसन आकार, रंग, रुप, कार्य भइलाके कारण उहवा के निवासी एकर उपयोग आपन घरसन मे रोशनी करे खातिर करेलसन । असल मे, ई गाछि के फल मे चर्वी पर्याप्त मात्रामे होला जेमेसे तेल निकालके प्रकाश खातिर जलावल जाला ।
मांस खाये वाला पेड पौधासन
प्राकृतिक विचित्रता के एसे बडका नमूना का होई कि जनावर आउर मनुष्य हि ना, पेड पौधा भी मांसाहारी होखेला । आजकाल भी कुछ अइसन जातके पौधा बाडसन जउन कीडा–मकोडा के पकडके खा जालसन । हालांकि अइसन बात नइखे कि इ पौधा अपन खाना बनावे मे असमर्थ होखेलसन । इ पौधासन के एगो मजबुरी इ बाकि अइसन पौधा अइसन जगह पर होखेला जहवा के जमीनमे नाइट्रोजनके कमी होखेला ।
जबकि, नाइट्रोजन पौधासनके उचित विकास ला अत्यन्त उपयोगी ह, अतः इ पौधा कीडा–मकोडासन के मारके आपन नाइट्रोजन के कमि के पूरा कर लेवेलसन । अइसन पौधासन के कीट भक्षी भा मांसाहारी पौधा कहलजाला । आपन पडोसी देश भारत मे अइसन पौधासन के लगभग ३० जातिसन मिलेला तथा विश्व मे अभि तक लगभग ४४० जातिके अइसन पौधा के बारेमे मालुम भइल बा ।जे तरे जनावर के अलग संसार होला, मानव के अलग संसार होला ओहि तरे पेड पौधासन के भी आपन एगो अलगे संसार होला ।
बडा दुःखके बात बा कि जे तरे मानव के, जनावर आदिके विकास, किसीम ओकरा बारेमे ज्यादा से ज्यादा जानकारी हमनीके सरलता के साथ मिल जाला ओहितरे पेड पौधासनके प्रकृती तथा ओकरा बारेमे जानकारी ना मिलेला ।
आजकालके मुख्यमुख्य समस्यासन मे जंगल के कटानी तथा पेड पौधा के बिनाश एगो प्रमुख समस्या होगइल बा ।
इसब विनाशके पिछे अशिक्षा तथा धनके लालचके प्रमुख भूमिका रहल बा । धनके लोभि लोग धनके लालच मे एगो बहुत बडा अनर्थ कर रहल बा । जेकर परिणाम सभी केहु भुगतता । जइसे आजकाल हमनी रोज रेडियो आउर टि वी पर बाढ के कारण फलाना गांव दह गईल आउर हेतना आदमी के जान गईल जइसन समाचार सुनत बानि जा । इसब जंगलके कटानीयेके फल ह । जउन करता केहु, भरता केहु ।
जे तरह से मानव के समाज बा ओहि तरे जंगल तथा पेड पौधासनके भी समाज बा । जेकर आपन आपन विशेषता बा । जे तरे मानव मे सभे केहु सभ्य, समझदार नाहोला ओहितरे पेड पौधासन मे भि खतरनाक तथा जहरीला पेड पौधा मिलेला लेकिन फिर भी मानव आउर पेड पौधामे बडा फर्क बा मानव खतरनाक होइ त उ विनाशे करी भलाइ नाकरे सकि लेकिन पेड पौधा खतरनाक होके भि मानव के बचावेला जैसे सभे के मालुम बा कि हरेक प्राणी के बाचे खातीर सांस लेहल जरुरी बा विना सांस लेके केहु ना बाचे सकि आउर जउन सांस हमनी लेवेनी ओमे आक्सीजन के मात्रा रहेला । विना आक्सीजन के हमनी ना बाचे सकेमसन ओहिसे आक्सीजन हावाके बहुत महत्व बाटे ।
हम इ बता देवेके चाहतानी कि इ जउन आक्सीजन हमनी खातीर महत्वपूर्ण बा उ हमनी पेड पौधा के माध्यम से हि प्राप्त करेनिसन काहेकि पेड पौधासन नाइट्रोजन के ग्रहण करके हमनी ला आक्सीजन छोडेला । अर्थात मानव के बाचे खातिर चाहेवाला अत्यन्त जरुरी हावा आक्सीजन पेड पौधा के जरीये हि मिलेला । ओहिसे पेड पौधा खतरनाक हो के भि मानव के जियावे मे मद्दत करेला बाकि मानव ओकरे के मुवावेके चाहेला आ मुवावतो बा ।
आजके संसारमे प्रकृतीद्धारा मानवके तथा प्राणीके कल्याण खातिर उपहार स्वरुप प्राप्त भईल पेड पौधासन के बहुत बडका महत्व बा । एकरा के छोटकरीमे हमनि कह सकतानीसन कि एगो प्राणी के बचावे खातिर औषधी के रुपमे, श्रृंगार खातिर फर्निचर के रुपमे, खाना बनावे खातिर जलावनके रुपमे तथा मृत्यु पश्चात जरावे खातिर तक इ पेड पौधासन हमनी के मद्दत करेला ।
पेड पौधाके दुनिया रोचक हि ना अदभूत बा जेकर अपने आपन विशेषता बाटे । आउर इ विशेषता अइसन बा कि अपनहु सब आश्चर्यमे पड जाएम ।
आजु हम अइसने पेड पौधासनके उल्लेख करे जारहल बानि । फूल भा फल देवेवाला अनेको पेड पौधा के नाम त अपनहुलोगन के मालुम होई, लेकिन कहि के हु अपने से पुछे कि दुध के गाछि कौन ह, मोमबत्तीके गाछि कउन ह, गोला बरसाएवाला गाछि कउन ह, चाहे रोटि देवेवाला गाछि कउन ह । तब त रउवा जरुरे आपन दिमाग दउराएम, सोचेम भा कहदेम नइखे मालुम ।
आई आजु उपर्युक्त अदभूत विशेषता वाला पेड पौधासन के बारेमे जानकारी लेहल जाव ।
यात्रुलोग के मद्दतगार गाछि
मेडागास्कर द्वीप मे यात्रुलोग के मद्दत करेवाला अदभूत किसिमके गाछिसन मिलेलसन, जेकराके लोग ट्रेवलर्स ट्री कहेले । इ गाछि के विशेषता इ बा कि भूख प्यास से थाकल हारल यात्री इ गाछि के पत्ता मे छेद करके आपन प्यास बुझालेला, काहेकि इ गाछि के जउन स्थान से पत्ता निकलेला उहवा प्रचुर मात्रामे पानि निकलेला तथा ओनेसे यात्रा करेवाला यात्री आपन प्यास बुझावेखातिर उ गाछि के पत्ता मे छेद करेला जेमेसे पानी निकलेला अउर यात्री पानी पीके आपन प्यास बुझालेला ।
रोटी देवेवाला गाछि
अभी तक त अपने गहु के रोटी भा दोसर कउनो आटासे बनल रोटी के बात सुनले होखेम लेकिन दक्षिणी समुन्द्रके टापूसन मे मिलेवाला एगो गाछि के ब्रेड फ्रूट ट्री कहल जाला । इ गाछि के फल पाक गइला के बाद तुर लेहल जाला अउर पातर पातर काट के आगी पर रोटी लेखा सेंक लेहल जाला । अपने के जानके हैरानी होखी कि सेंकला पर ई रोटी लेखा फूलीयो जाला अउर खइला पर एकर स्वाद एकदम रोटी खानी लागेला ।
गोला बरसावेवाला गाछि
युद्धक विमान, तोप भा राकेट के गोला बरसावे वाला समाचार त हमनीके हरदम अखवार मे पढेके भा दुरदर्शन पर देखेके मिल जाला बाकि जब कउनो गाछि गोला बरसावे लागे त बात एकदम सोचेवाला होजाला । दक्षिण अमरीका के गर्म अउर नम प्रदेशनमे मिलेवाला कैनन बाल ट्री एगो अइसन गाछि ह जेकर फल बहुत बडका तथा पुरान तोपके गोला जइसन होला । प्रत्येक फल के व्यास लगभग २० सेंटीमिटर होला । डांढि अउर शाखासन मे पहिले बडका बडका उजर भा गुलावी फूल निकलेला जेमे तोपके गोला खानी फल बनेला । फल के छिलका बडि बडका होला । जमीन पर गीरला से ई फल बहुत जोर के आवज से फाटेला । इ फल कहि कउनो जानवर भा मनुष्य के उपर गिर जायी त गंभीर चोट लागेला अउर ऐसे मौत भि हो सकताटे ।
सबसे स्वादिष्ट बाकि सबसे दुर्गन्धपूर्ण
इंडोमलाया के मूल वासी डुरियन ट्री बडा हि विचित्र गाछि ह । कहल जाला कि एकरा जइसन स्वादिष्ट फल दुनियामे दोसर कउनो नइखे । बाकि स्वादिष्ट होखला के साथेसाथे ई अति दुर्गन्धयुक्त फल ह ।
दुध देवेवाला गाछि
दक्षिण अमरीका के वेनजुएला प्रान्त मे एगो अइसन जात के गाछि मिलेला जेकर डाढि मे केहुतरे छेद कर देलापर प्रचुर मात्रामे उजर तरल पदार्थ जइसन निकलेला जउन दुध खानी मिठ होला । ओह क्षेत्रके लोग ओकर प्रयोग दुधके रुपमे करेला आउर ऐतने ना, इ गाछि के नामकरण भि ओकनीसन दुध देवे वाली गौ–माता के तर्ज पर गौ वृक्ष कर देलेबाडसन ।
मोमबत्ती गाछि
शायद अपनेके जानके आश्चर्य होई कि पनामा मे एगो अइसन गाछि मिलेला जेकर फल एकदम मोमबत्ती जइसन होला आउर खाली देखेमे ही ना, काम भी मोमबत्तीके जइसन ही रोशनी देवेके होला । इहे कारण से इ गाछि के मोमबत्ती वृक्ष (कैंडिल ट्री) कहल जाला । ई गाछि के प्रत्येक फल करीब १२० सेंटीमिटर आ पीयर रंगके होला । मोमबत्तीये जइसन आकार, रंग, रुप, कार्य भइलाके कारण उहवा के निवासी एकर उपयोग आपन घरसन मे रोशनी करे खातिर करेलसन । असल मे, ई गाछि के फल मे चर्वी पर्याप्त मात्रामे होला जेमेसे तेल निकालके प्रकाश खातिर जलावल जाला ।
मांस खाये वाला पेड पौधासन
प्राकृतिक विचित्रता के एसे बडका नमूना का होई कि जनावर आउर मनुष्य हि ना, पेड पौधा भी मांसाहारी होखेला । आजकाल भी कुछ अइसन जातके पौधा बाडसन जउन कीडा–मकोडा के पकडके खा जालसन । हालांकि अइसन बात नइखे कि इ पौधा अपन खाना बनावे मे असमर्थ होखेलसन । इ पौधासन के एगो मजबुरी इ बाकि अइसन पौधा अइसन जगह पर होखेला जहवा के जमीनमे नाइट्रोजनके कमी होखेला ।
जबकि, नाइट्रोजन पौधासनके उचित विकास ला अत्यन्त उपयोगी ह, अतः इ पौधा कीडा–मकोडासन के मारके आपन नाइट्रोजन के कमि के पूरा कर लेवेलसन । अइसन पौधासन के कीट भक्षी भा मांसाहारी पौधा कहलजाला । आपन पडोसी देश भारत मे अइसन पौधासन के लगभग ३० जातिसन मिलेला तथा विश्व मे अभि तक लगभग ४४० जातिके अइसन पौधा के बारेमे मालुम भइल बा । अभी तक त अपने गहु के रोटी भा दोसर कउनो आटासे बनल रोटी के बात सुनले होखेम लेकिन दक्षिणी समुन्द्रके टापूसन मे मिलेवाला एगो गाछि के ब्रेड फ्रूट ट्री कहल जाला । इ गाछि के फल पाक गइला के बाद तुर लेहल जाला अउर पातर पातर काट के आगी पर रोटी लेखा सेंक लेहल जाला । अपने के जानके हैरानी होखी कि सेंकला पर ई रोटी लेखा फूलीयो जाला अउर खइला पर एकर स्वाद एकदम रोटी खानी लागेला ।
गोला बरसावेवाला गाछि
युद्धक विमान, तोप भा राकेट के गोला बरसावे वाला समाचार त हमनीके हरदम अखवार मे पढेके भा दुरदर्शन पर देखेके मिल जाला बाकि जब कउनो गाछि गोला बरसावे लागे त बात एकदम सोचेवाला होजाला । दक्षिण अमरीका के गर्म अउर नम प्रदेशनमे मिलेवाला कैनन बाल ट्री एगो अइसन गाछि ह जेकर फल बहुत बडका तथा पुरान तोपके गोला जइसन होला । प्रत्येक फल के व्यास लगभग २० सेंटीमिटर होला । डांढि अउर शाखासन मे पहिले बडका बडका उजर भा गुलावी फूल निकलेला जेमे तोपके गोला खानी फल बनेला । फल के छिलका बडि बडका होला । जमीन पर गीरला से ई फल बहुत जोर के आवज से फाटेला । इ फल कहि कउनो जानवर भा मनुष्य के उपर गिर जायी त गंभीर चोट लागेला अउर ऐसे मौत भि हो सकताटे ।
सबसे स्वादिष्ट बाकि सबसे दुर्गन्धपूर्ण
इंडोमलाया के मूल वासी डुरियन ट्री बडा हि विचित्र गाछि ह । कहल जाला कि एकरा जइसन स्वादिष्ट फल दुनियामे दोसर कउनो नइखे । बाकि स्वादिष्ट होखला के साथेसाथे ई अति दुर्गन्धयुक्त फल ह ।
दुध देवेवाला गाछि
दक्षिण अमरीका के वेनजुएला प्रान्त मे एगो अइसन जात के गाछि मिलेला जेकर डाढि मे केहुतरे छेद कर देलापर प्रचुर मात्रामे उजर तरल पदार्थ जइसन निकलेला जउन दुध खानी मिठ होला । ओह क्षेत्रके लोग ओकर प्रयोग दुधके रुपमे करेला आउर ऐतने ना, इ गाछि के नामकरण भि ओकनीसन दुध देवे वाली गौ–माता के तर्ज पर गौ वृक्ष कर देलेबाडसन ।
मोमबत्ती गाछि
शायद अपनेके जानके आश्चर्य होई कि पनामा मे एगो अइसन गाछि मिलेला जेकर फल एकदम मोमबत्ती जइसन होला आउर खाली देखेमे ही ना, काम भी मोमबत्तीके जइसन ही रोशनी देवेके होला । इहे कारण से इ गाछि के मोमबत्ती वृक्ष (कैंडिल ट्री) कहल जाला । ई गाछि के प्रत्येक फल करीब १२० सेंटीमिटर आ पीयर रंगके होला । मोमबत्तीये जइसन आकार, रंग, रुप, कार्य भइलाके कारण उहवा के निवासी एकर उपयोग आपन घरसन मे रोशनी करे खातिर करेलसन । असल मे, ई गाछि के फल मे चर्वी पर्याप्त मात्रामे होला जेमेसे तेल निकालके प्रकाश खातिर जलावल जाला ।
मांस खाये वाला पेड पौधासन
प्राकृतिक विचित्रता के एसे बडका नमूना का होई कि जनावर आउर मनुष्य हि ना, पेड पौधा भी मांसाहारी होखेला । आजकाल भी कुछ अइसन जातके पौधा बाडसन जउन कीडा–मकोडा के पकडके खा जालसन । हालांकि अइसन बात नइखे कि इ पौधा अपन खाना बनावे मे असमर्थ होखेलसन । इ पौधासन के एगो मजबुरी इ बाकि अइसन पौधा अइसन जगह पर होखेला जहवा के जमीनमे नाइट्रोजनके कमी होखेला ।
जबकि, नाइट्रोजन पौधासनके उचित विकास ला अत्यन्त उपयोगी ह, अतः इ पौधा कीडा–मकोडासन के मारके आपन नाइट्रोजन के कमि के पूरा कर लेवेलसन । अइसन पौधासन के कीट भक्षी भा मांसाहारी पौधा कहलजाला । आपन पडोसी देश भारत मे अइसन पौधासन के लगभग ३० जातिसन मिलेला तथा विश्व मे अभि तक लगभग ४४० जातिके अइसन पौधा के बारेमे मालुम भइल बा ।

२०५० श्रावण २ गते सगून पाक्षिकमे प्रकाशित

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