दगाबाज रिशु श्रीवास्तव कविता by Rishu ShrivastavaOctober 7, 2013न जाने किस मोड पे कोई दगा कर जाऐ, झुठी भरोसा दिलाके आपकी मन मोह जाऐ। आप बैठे रहेँ उमीँदो की दीपक जलाऐ, दगाबाज आप कि जीवन मे अँधेरा करजाऐ।