हम छि मिथिलाक किसान, किसानी हमर काम यौ
करैत छी माइटक पूजा, माइट हमर प्राण यौ
मानैत छी माइटक अपन भगवान यौ
हम छी मिथिलाक किसान, किसानी हमर काम यौ ।
होयत वर्षा तब धोती, कुर्ता, पाग लगायब यौ
हर, कोदाइर सङ्ग खेतमे पसिना बहायब यौ
रोटी, चटनी जलखै खायब यौ
हम छी मिथिलाक किसान, किसानी हमर काम यौ ।