थाकें जिन्दगीको यात्रामा भो साहस नदेऊ निशान गोले गीति कविता by nishangoleJuly 27, 2009थाकें जिन्दगीको यात्रामा भो साहस नदेऊ सहरा दिई यो मनभरि दु:ख नदेऊ