कवि कोकिल विद्यापतिके संक्षिप्त परिचय
मैथिलीमें लिखल किछु पदावली कविके अमरच्व प्रदान करवाक लेल काफी छैक । मैथिली साहित्यमें मध्यकालके तोरणद्वार पर जिनकर नाम स्वर्णाक्षरमें अंकित छैक वो छथिन चौदहवीं शताब्दीके संघर्षपूर्ण वातावरणमें उत्पन्न अपन युगके प्रतिनिधि मैथिली साहित्य-सागरके वाल्मीकि-कवि कोकिल, महाकवि अभिनव जयदेव विद्यापति ठाकुर ।
कवि कोकिल विद्यापतिके कोमलकान्त पदावली वैयक्तिकता, भावात्मकता, संश्रिप्तता, भावाभिव्यक्तिगत स्वाभाविकता, संगीतात्मकता तथा भाषाके सुकुमारता आ सरलताके अद्भुत सन्योजन प्रस्तुत करैत छैक ।
