नागेन्द्र प्रसाद कानु

नेपालमे भोजपुरी भाषा साहित्य के विकाश

प्राचिनकाल से भारत बिहार, के भोजपुर, आरा, बलिया, छपरा, सिवान, गोपालगंज आ उतर प्रदेशके जनपद जिलाके भाजपुरी भााषा, नेपार९भारत के नारहके अब अन्तरराष्ट्रिय भोजपुरी भाषा होगइल बाटे । वर्तमान मे नेपाल, भारत, मौरीसस, फिजी द्दिप समुह, ट्रिनीडाड, सुरिनाम, गुआना, मलेशिया लगायत अउरी देश मे भि बोलचाल के रुपमे प्रचलीत होगइल बाटे ।

अमेरीका के हार्ड९वर्ड युनिभारसिटी कालेज मे भोजपुरी भाषा सिखावे के व्यवस्था कइलगइल बाटे ।भोजपुरी भाषा आ संस्कृतिके बारेमे सयकडो किताब अंग्रेजी भाषामे वेलायतमे बहुत पहिले जब ब्रिठिस शासक भारत मे साशन करत रहे ओही कालमे छपल किताब के प्रेरणा से आज अंग्रेज लोग भोजपुरी भाषा साहित्य कला के खोज के प्रति रुची राखेला ।

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ए हमर बाबु तनि करके त देख (मनोविश्लेषण)

१. भोरे उठके धरती माताके प्रणाम करी, मातापिताके प्रणाम करी । मातापिताके कष्ट दिहलजाई त दुःखी रहम । सुख दिहम त हमेशा अगाडि बढम ।

२. माताके सेवा करी, प्रसन्न रखि, तीर्थयात्रा, देवपूजन–सब पूरा होइ । बाहरसे अइलापर माई मुह देखेलिन सन्तान भुखे बा कि, बाकि परिवारकेलोग हमराला कथि लियवले बाडन उ देखेला ।

३. जीवनमे सत्यसे बडका कवनो धर्म नइखे । सदा सत्य बोलेके चाहि । सत्य–भाषणसे अपार शक्ति प्राप्त होला ।

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नेपालके राजनीति आ राष्ट्रपति

मुलुकमे एहबेरा चारगो शक्ति बा । सरकार, विपक्षी दल, राष्ट्रपति कार्यालय आ नागरिक समाज । ई चारु शक्ति मिलके निकास देवेके उल्टा एहबेर चारु शक्ति चारो दिशामे खडाभइल बा । चारु शक्ति चारओरी रहलासे गतिरोध जटिल बन्ते जारहल बा । ई चारो शक्तिके वर्तमान भूमिका देखलापर सरकार आपन कुर्सी बचावेमे लागल बा त विरोधी दललोग केतरे सरकार बनावल जाव जइसन सत्ता स्वार्थमे लागल बा । नागरिक समाज मौन धारण कइले बा त राष्ट्रपति विभिन्न पक्षलोगसे सल्लाह करत आपन भूमिका पहिचान करेमे लागल बाडन ।

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अपाङगलोगके स्थिति

अपाङगलोग के याद मे डिसेम्वर ३ तारिखके अन्र्तराष्ट्रिय दिवस मनावल जाला । राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके अपाङगतासम्बन्धी विषयगत पुस्तिका २०६९ अनुसार नेपालके कुल जनसङ्ख्याके ७ से १० प्रतिशत आदमी कवनो ना कवनो किसिमके अपाङगता भइल अनुमान बा । ओहितरे राष्ट्रिय जनगणना २०६८ अनुसार नेपालमे अपाङगता भइल व्यक्तिलोगके सङ्ख्या लगभग साढे पाँच लाख अर्थात १.९४५ प्रतिशत मिलल बा जउन बात सम्बन्धीतलोग के तथ्यांक अनुसार ३४–३५ लाख होखेके चाहि ।

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