दिपेन्द्र सहनी

डाह करे वाला (गजल)

डाह करे वाला अगाडि बढल होखे त कहS
स्नेह बाँटे वाला पिछाडी पडल होखे त कहS

टाँग खिचते रह जाई सब दिन टाँग खिंचे वाला
कामयाबी के सिंढी कहियो चढल होखे त कहS

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •