डाह करे वाला (गजल)


डाह करे वाला अगाडि बढल होखे त कहS
स्नेह बाँटे वाला पिछाडी पडल होखे त कहS

टाँग खिचते रह जाई सब दिन टाँग खिंचे वाला
कामयाबी के सिंढी कहियो चढल होखे त कहS

पाप,निच कर्म यी सब महक जाई एक दिन
इमानदारी आ सँच्चाइ संडल होखे त कहS

कुछ हाँसिल करे के बा त प्यार से बोलS बतिआवS
बिना पेनी के लोटा मे पानी अडल होखे त कहS

दिपेन्द्र सहनी
बिरगंज, नेपाल

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