कि कहु मीत गजेन्द्र गजुर मैथिली भाषा by editorMarch 20, 2021March 20, 2021 कि कहु मीत, जखन स्वाभिमान मरि जाइ छैतखने ओ भितरिया, भगवान मरि जाइ छै । Read More »कि कहु मीत
कलयुगके राम (मैथिली गजल) गजेन्द्र गजुर मैथिली भाषा by editorJuly 16, 2016कलयुगके राम बेमार भऽ गेलै, तें रावणक स्वप्न साकार भऽ गेलै रामक राजमे सत्ता छै खखरी, तें तऽ सिया धीया लाचार भऽ गेलै
बेर बेर सवाल हमर (मैथिली गजल) गजेन्द्र गजुर मैथिली भाषा by editorJanuary 16, 2016बेर बेर सवाल हमर याह रहैछै सत्य बात किए लगैत बेजाह रहैछै अपना टाग्ङ तर दाबल रहलो पर कछेर प पुहुचेने किए नाह रहैछै
हृदय सँ आहाक (मैथिली गजल) गजेन्द्र गजुर मैथिली भाषा by editorDecember 25, 2015हृदय सँ आहाक यादो जना दूर भेलै जिन्गी भैरके सपना चकना चुर भेरै एक एक मुस्कान जेना कुछ बता रहल य राज यी छाती के मधुर छाउर भेलै