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बेर बेर सवाल हमर (मैथिली गजल)


बेर बेर सवाल हमर याह रहैछै
सत्य बात किए लगैत बेजाह रहैछै

अपना टाग्ङ तर दाबल रहलो पर
कछेर प पुहुचेने किए नाह रहैछै

केतेको बेर डुबकि लगा चुकलि मुदा
प्रेमक सागर किए गरथाह रहैछै

नजर गुजैरि क ऽत बात नै पुछु मित
दिन देखारे प्रेमराह चोटाह रहैछै

आहा त दूर गगण मे परी बनल छि
अहिक चाह मे गजुर बताह रहैछ

वर्ण-१५

गजेन्द्र गजुर(राय)
हनुमान नगर सप्तरी

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