पौराणिक कथा

बसन्त पञ्चमी

माघ शुक्ल पञ्चमीके दिनके बसन्त पञ्चमी कहलजाला । इ दिनके वाणीपूजा, वागीश्वरी पूजा तथा सरस्वती पूजनोत्सवके रूपमे मनावलजाला । इहे दिन रतिकाम महोत्सव, आम्रमञ्जरी भक्षण महोत्सव तथा लेखनी पूजन महोत्सव भि विभिन्न जगहमे मनावल गइल मिलेला । हमनीके देशके पहाड तथा तराई दुनु ठावमे खासकके वाग्देवी सरस्वतीके पूजनोत्सव धूमधामसे मनावल जाला । खासकके विद्यालय तथा क्याम्पसनमे सरस्वती पूजनोत्सवके तयारी प्रायः माघ महिनाके शुरूवेसे कइलजाला । स्कूलके विद्यार्थी खातिर इ पूजन उत्सवके रूपमे मनावल गइल मिलेला । माघ शुक्ल पञ्चमीके दिन विद्यार्थीलोग सबेरे उठके नहाधोवाके अगरबत्ती, पुष्पगुच्छा तथा अन्य पूजन सामग्रीलेके आ–आपन

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