सप्तरीके थारू संस्कृति : एक विश्लेषण
खोला कताके ठण्ढा हावामे बहौत दिनसे कुदल चियै
टुटल नै छै हमर बनेलहा घर सदियौँसे बैसल चियै ।
आपन मातृभषा, आपन परम्परागत रीतिरिवाज, बेग्ले किसिमके सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संरचना और लिखित या मौखिक इतिहास भेल जमा ५९ जाइत या समुदायके आदिवासी जनजाति उत्थान राष्ट्रिय प्रतिष्ठान ऐन २०५८ के परिच्छेद १ धारा २ के (क) बमोजिम आदिवासी जनजाति कैहके परिभाषित क्याल गेल छै ।
