अजय पाण्डेय (आर्यन)
नीक लागय (अवधी)
लहरत चोटिया मे झुम रहा बरवा, की बड़ा नीक लागय
लेत ह्य जान तोहरे अखेंकै कजरवा, की बड़ा नीक लागय
बाजत ह्य पयालिया तोहर न करो तु ठिठोली ,
पुर्बी बयारिया न उडाय ले अचारवा , की बड़ा नीक लागय
सेना कै नौकरी है , हँ हमहू मजबुर बडा
लौट अइहैं फिर से सवानमे सजनवा, की बड़ा नीक लागय
न जव तु अकेले जंगल मे लकडी लेय
हंस हंस बरषे तुहैं देख के बदरवा, की बड़ा नीक लागय
होलियामे न रहब हम काव करी ,
हसिं खेलीहो न भिजैहो नयनवा , की बड़ा नीक लागय
#azzay #अवधी #awadhi
प्रेम बाचा
आउने जाने बाटोमा , चिन्छु तिम्लाई म |
भन्छौ भने सारा खुशी, दिन्छु तिम्लाई म |
नजर जुधे त पनि बोल्न सकिन कहिलै
मनको कुरा तिमिसंग भन्न सकिन कहिलै |
लोभै लाग्दो मुहार अहा! सम्झिन्छु तिम्लाई म |
हेर्छौ भने आउ सानु , छाती चिरी देखाऊ छु
बुझ्छौ भने मेरी माया, सारा कुरा बताउ छु |
मुटु भरि साचेको माया, दिन्छु तिम्लाई म |

अजमाइहैं सब आपन आपन हथकण्ड ,अपकी चुनाव मे
भोका, नाङ्गा, चिथराको थलो बनेको छ यो ठाउँ