लहरत चोटिया मे झुम रहा बरवा, की बड़ा नीक लागय
लेत ह्य जान तोहरे अखेंकै कजरवा, की बड़ा नीक लागय
बाजत ह्य पयालिया तोहर न करो तु ठिठोली ,
पुर्बी बयारिया न उडाय ले अचारवा , की बड़ा नीक लागय
सेना कै नौकरी है , हँ हमहू मजबुर बडा
लौट अइहैं फिर से सवानमे सजनवा, की बड़ा नीक लागय
न जव तु अकेले जंगल मे लकडी लेय
हंस हंस बरषे तुहैं देख के बदरवा, की बड़ा नीक लागय
होलियामे न रहब हम काव करी ,
हसिं खेलीहो न भिजैहो नयनवा , की बड़ा नीक लागय
#azzay #अवधी #awadhi
