असुरक्षित गर्भपतन
समाजमे गर्भपतनके समस्या वेदकालसे आजुतक रहल बा । सुरक्षित गर्भपतनके दवाई प्रचलनमे अइलाके बाद प्रयोगकर्ता अपने जथाभावी प्रयोग करे लागल बा । औजारसे करेवाला गर्भपतनके कारण ‘साइडइफेक्ट’ लउके लगलाके बाद सरकारद्वारा २०६५ सालसे दवाईसे गर्भपतन सेवा दिहल शुरु भइल । जेकरा कारण गर्भपतन करावेवाला दवाई बजारमे बिना झन्झट सरलतासे मिले लगलाके बाद एहसे होखेवाला समस्या लेके स्वास्थ्य संस्थामे आवेवालाके सङ्ख्या भि बढे्लागल बा । केन्द्रीय परिवार नियोजन सङ्घके अनुसार केन्द्रमे प्रतिमहिना कम्तीमेभि सुरक्षित गर्भपतन सेवा लेवे खातिर ३५ जना आवेला । ओमेसे करिब पाच जना पहिले अपने दवाई प्रयोग कइलाके बाद भइल समस्या लेके आवेला ।

रमेशः बर्फके टुकडा हाथमे लेके गौरसे देखत रहे
शिक्षा शिक्षा वाह रे शिक्षा
अपाङगलोग के याद मे डिसेम्वर ३ तारिखके अन्र्तराष्ट्रिय दिवस मनावल जाला । राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके अपाङगतासम्बन्धी विषयगत पुस्तिका २०६९ अनुसार नेपालके कुल जनसङ्ख्याके ७ से १० प्रतिशत आदमी कवनो ना कवनो किसिमके अपाङगता भइल अनुमान बा । ओहितरे राष्ट्रिय जनगणना २०६८ अनुसार नेपालमे अपाङगता भइल व्यक्तिलोगके सङ्ख्या लगभग साढे पाँच लाख अर्थात १.९४५ प्रतिशत मिलल बा जउन बात सम्बन्धीतलोग के तथ्यांक अनुसार ३४–३५ लाख होखेके चाहि ।
मनुष्य एगो सामाजिक प्राणि ह । जेकरा समाज मे रहेके पडेला । कवनो जन्मजात भा नगर राज्यमे बसल अइसन अङ्गीकृत व्यक्ति जेकरा राज्यप्रति वफादार होखेके साथेसाथ राज्य से संरक्षण आउर आवश्यक परला पर राज्य संचालन खातिर आपन मत देवे के अधिकार बा उहे व्यक्ति उ राज्य के नागरिक होला । एगो राज्यके सीमाभितर बसोबास करेवाला प्रत्येक व्यक्तिके ओह राज्यके नागरिक कहलजाला । जवन समाजमे नागरीकके फले फुलेके व्यवस्था नइखे, जहवा उ आपन समस्त शक्तिसन के विकास नइखे करसकत, उ समाज कभी भी प्रगतिशिल नइखे होसकत । इंगलैण्ड, अमेरिका जइसन देशन के उन्नति के रहस्य उहा के नागरिकन के अधिकारसन के उपभोग तथा कर्तब्य पालन के निष्ठा ह ।