चारिटा मैथिली हाइकु – ८ (बैशाख मास) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorDecember 14, 2019२९. बैशाख मास तप्पत बाउल मे ठाढ़ बबूर । ३०. बूढ़ पाकरि कनोजरि केसँग भेल जुआन ।
नव साल (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorDecember 11, 2019डोला क सिनेहक बसात वर्षा क प्रीतक वर्षात उगल किऋण लाले -लाल सु- स्वागत हे नव साल उप्जै अन्न धन बाली पसरै सभक घर बाली पहिर कान दुनु सोनमा पढै धियासँग ललनमा
चारिटा मैथिली हाइकु – ७ (गंगोत्री सँ गंगाजी) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorDecember 7, 2019२५. हिचुके आब गङ्गोत्री सँ गङ्गाजी देखि कऽ पाप । २६. वासन्ती राग गुलावक यौवन हर्षित मोन ।
सीताक स्वयम्बर सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorDecember 5, 2019मनेमन सोचि रहल सिया बेटी नैहर छोडि धिया आब सासुर जेती किया सजला बाबु मोर स्वयम्बर हृदय स भचुकल हम हुनकर देश विदेशक भूप लोक आयल देखिएक धनुष छुबैत डरायल रानी सुनयनाके एक आश बोँचल केउ सपूत आयत जरूर आंगन
चारिटा मैथिली हाइकु – ६ (गर्जे बादल) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorNovember 16, 2019२१. गर्जे बादल चमके बिजलौका नाचे मयूर । २२. हिमशृङ्खला सूर्योदय काल मे स्वर्ण लगैछ ।
भेल अर्घ्यके बेर सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorNovember 16, 2019अदभूत अनमोल पावनि छठि आनन्द उत्सव अछि ढाकी भरि शृगार भरल घाटबाट गाम जँ निष्ठा स पुजब पुरत आश खेतक उप्जल बारिक फरल सुप कन्सुप्ती सरवा सजल नही कुनो शास्त्र नही कुनो वेद उगु सुरज देव भेल अर्घ्यके बेर
चारिटा मैथिली हाइकु – ५ (बरक गाछ) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorNovember 2, 2019१७. बरक गाछ चतरल ठाढ़ छै लोक बेपत्ता । १८. शीतलहरि शीतायल सियार खोजैय रौद ।
खायल पान मखान छै (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorOctober 25, 2019शुभ दशमीके बिदाइ सुखरातिके आगमन छै आजु शरद पूर्णिमा चान सोल्ह कला सँ सजल छै इजोरक साडीमे धर्ती गगन चमचमायल छै सिङ्घार फूल भूमि चुमल पवन गमगमायल छै
चारिटा मैथिली हाइकु – ४ (वर्षाक बुन्द) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorOctober 22, 2019१३. वर्षाक बुन्द धरतीक गर्भ सँ उगल पौध । १४. धानक फूल बसमतिया आरि खुश किसान ।
सोना स सजल नगरी (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorOctober 14, 2019पण्डित बलशाली महादेवक नगरी जिनकर छल सोना स सजल नगरी लङ्केश्वर पति रावणके कहब कि बिना रावणके श्रीरामक अस्तित्व कि शूपर्णखाके छल रावण सन भाइ बहिन लेल हरलक सीता सन माइ दुष्ट रावणमे छल अपूर्व अच्छाइ पवित्र सीता जे देलैन रामके लोटाइ
असङ्ख्य हुनक गुणगान हे (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorOctober 8, 2019एकही माँ मे बहुतो रूप सजल असङ्ख्य हुनक गुणगान हे काली दुर्गा चण्डी महागौरी अपार हुनक अवतार हे दाँत खट खट जीव लह लह देखि काँपल भूत पिशाच हे एक हाथ गद्दा दोसर कत्ता राक्षसके कायल संहार हे
चारिटा मैथिली हाइकु – ३ (नभ मे उर्जा) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorOctober 5, 2019९. नभ मे उर्जा सुरुजक लाली सँ धरती स्वर्ग ।। १०. वर्षाक वाद इन्द्रधनुषी रुप धन्य प्रकृति ।
अद्वितीय अछि माय (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorOctober 2, 2019माय त सुरुज माय त चान माय त धरती माय त आसमान माय त ब्रम्हा माय त महेश माय त विष्णु माय त गणेश
चारिटा मैथिली हाइकु – २ (वन–जंगल) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorSeptember 26, 2019५. वन–जंगल प्रकृतिक श्रृंगार विनाश रोकी । ६. पाकल लीची घेरल छै जाल सँ कौवा के घोल ।
जितिया पावनि बड भारी (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorSeptember 22, 2019जितिया पावनि बड भारी धियापुताके ठोकि सुतेलनि अपने लेलनि भरि थारी चुरा दही लय अंगुठन करब सभ बहिन नोतब भाइके अपन जाबे गंगा जमुनामे पानी बहे ताबे हमर भाइके औंरदा रहे
चारिटा मैथिली हाइकु – १ (सगरमाथा) विनीत ठाकुर मैथिली भाषा by editorSeptember 15, 2019 १= सगरमाथा सर्वोच्च हिमालय धन्य नेपाल । २= साँपक अण्डा निकलय मुँह सँ सामना करी ।
हमर वसन्त ललीय (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorSeptember 9, 2019हमर वसन्त ललीय अपन पतझड ददीय आहाके उपराग छल अहिस हमरा उपहार ददीय फुलि चुकल फूल हम गमैक चुकल गम गम सुवास भरल पवन छुविगेल अछि तनमन
चलि आउ प्रीतम मधुश्रावणीमे (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorAugust 18, 2019कानि कानि हम लिखैत चिठी छी चलि आउ प्रीतम मधुश्रावणीमे नहि पुजबै पावनि ज आहा नहि एबै छोडिक पावनि प्रीतम बैँस जेबै पंचमीमे एलखिन बालम सभहक कोना मस्त सुतल बौरहबा हमर
सागर छथि गुरु (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorAugust 9, 2019बिनु शिंष्यके गुरुके कि पहिचान? शिष्य स भेटैछैन हुनका मान जगके बहुत छथि ज्ञानी गुमनाम किया कि ओ नहि बटलथि ज्ञान गुरु छथि सागर शिष्य बुंद एक शिष्य बने सागर पाबि गुरुके भेट बनाक शिष्य सुवास भरल फूल गमैक जाति गुरु बहुत दूर दुर
घटा छै घनघोर (कविता) सुधा मिश्र मैथिली भाषा by editorJuly 14, 2019साखि घटा छै घनघोर बिजुवन नाचिरहल मोर पपिहा दादुर करे शोर पियबा दूर छथि मोर पवन बहि लगेल संदेश कहल सभटा मोनक वेग छोरु नोकरी चलु देश गर्जे चम्के सिनेहक मेघ