२५.
हिचुके आब
गङ्गोत्री सँ गङ्गाजी
देखि कऽ पाप ।
२६.
वासन्ती राग
गुलावक यौवन
हर्षित मोन ।
२७.
प्रचण्ड गर्मी
छटपट दादुर
भथल कूप ।
२८.
खत्ता मे पानी
उजबुज मछरी
पाकल तारी ।
विनित ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २
मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु सङ्ग्रह सँ साभार ।

