Skip to content

चारिटा मैथिली हाइकु – ७ (गंगोत्री सँ गंगाजी)

20191207_BinitThakur-Haiku


२५.
हिचुके आब
गङ्गोत्री सँ गङ्गाजी
देखि कऽ पाप ।

२६.
वासन्ती राग
गुलावक यौवन
हर्षित मोन ।

२७.
प्रचण्ड गर्मी
छटपट दादुर
भथल कूप ।

२८.
खत्ता मे पानी
उजबुज मछरी
पाकल तारी ।

विनित ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु सङ्ग्रह सँ साभार ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *