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हमर वसन्त ललीय (कविता)


हमर वसन्त ललीय
अपन पतझड ददीय
आहाके उपराग छल अहिस
हमरा उपहार ददीय

फुलि चुकल फूल हम
गमैक चुकल गम गम
सुवास भरल पवन
छुविगेल अछि तनमन

हमर सुख हर्ष ललीय
अपन दुःख दर्द ददीय

जरिरहल प्रीतक दीप
सभकेउ लागे अपन मित
झरना गावे रसगर गीत
छुपल ओहिमे नव रीत

हमर स्वरूप ललीय
अपन रँगरूप ददीय

पकरि हम हावाके आँचर
उदासी मौषममे नाचल
खुशी भरिक वातावरणमे
छुपल जाक हुनक चरणमे

हमर फुलपात ललीय
अपन नग्न गाछ ददीय

सुधा मिश्र
जनकपुरधाम – ४
प्रदेश नं. २, धनुषा

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