मुइ भण्णौ शिवराज कलौनी हास्यव्यङ्ग्य कविता by shivraj kalauni5January 17, 20191 Comment 1 thought on “मुइ भण्णौ” shivraj kalauni5 January 17, 2019 at 1:33 pm Reply डोटेली मुक्तक!!! तैँ जैसित “ डोटेली मुक्तक!!! तैँ जैसित ” ब्ल्याक ” भणन्छेइ उइसित मुइ “कालो” भण्णौ तैँ जैसित ” भाइ” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालो” भण्णौ तैँ अङरेजि बोल्लेइ, मुइ गवाडि भाषामा रेल्लोइरन्या तैँ भिडियो गेम खेल्लिरनेइ, मुइ बालो खेल्लोइरन्या तैँ जैसित “मिट ” भणन्छेइ उइसित मुइ ” मासु” भण्णौ तैँ जैसित ” दिदि” भणन्छेइ उनिसित मुइ “सासु” भण्णौ तैँ लै निकि, मुइ लै रामडो कुरडि गद्दा गद्दा होइझान्छ चामडो तै जैसित “लकर” भणन्छेइ, उइसित मुइ “तालि” भण्णौ तैँ जैसित “बैनि” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालि” भण्णौ। २०७५/१०/०३ Leave a Reply Cancel replyLogin with your Social IDYour email address will not be published. Required fields are marked *Name * Email * Website Comment * Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ
shivraj kalauni5 January 17, 2019 at 1:33 pm Reply डोटेली मुक्तक!!! तैँ जैसित “ डोटेली मुक्तक!!! तैँ जैसित ” ब्ल्याक ” भणन्छेइ उइसित मुइ “कालो” भण्णौ तैँ जैसित ” भाइ” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालो” भण्णौ तैँ अङरेजि बोल्लेइ, मुइ गवाडि भाषामा रेल्लोइरन्या तैँ भिडियो गेम खेल्लिरनेइ, मुइ बालो खेल्लोइरन्या तैँ जैसित “मिट ” भणन्छेइ उइसित मुइ ” मासु” भण्णौ तैँ जैसित ” दिदि” भणन्छेइ उनिसित मुइ “सासु” भण्णौ तैँ लै निकि, मुइ लै रामडो कुरडि गद्दा गद्दा होइझान्छ चामडो तै जैसित “लकर” भणन्छेइ, उइसित मुइ “तालि” भण्णौ तैँ जैसित “बैनि” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालि” भण्णौ। २०७५/१०/०३
डोटेली मुक्तक!!!
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डोटेली मुक्तक!!!
तैँ जैसित ” ब्ल्याक ” भणन्छेइ उइसित मुइ “कालो” भण्णौ
तैँ जैसित ” भाइ” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालो” भण्णौ
तैँ अङरेजि बोल्लेइ, मुइ गवाडि भाषामा रेल्लोइरन्या
तैँ भिडियो गेम खेल्लिरनेइ, मुइ बालो खेल्लोइरन्या
तैँ जैसित “मिट ” भणन्छेइ उइसित मुइ ” मासु” भण्णौ
तैँ जैसित ” दिदि” भणन्छेइ उनिसित मुइ “सासु” भण्णौ
तैँ लै निकि, मुइ लै रामडो
कुरडि गद्दा गद्दा होइझान्छ चामडो
तै जैसित “लकर” भणन्छेइ, उइसित मुइ “तालि” भण्णौ
तैँ जैसित “बैनि” भणन्छेइ, उइसित मुइ “सालि” भण्णौ।
२०७५/१०/०३