चर्चित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक त्रैमासिक पत्रिका ‘सरस्वती सुमन’ का आगामी एक अंक ‘मुक्तक विशेषांक’ होगा जिसके अतिथि संपादक होंगे सुपरिचित कवि जितेन्द्र ‘जौहर’। उक्त विशेषांक हेतु आपके विविधवर्णी(सामाजिक, राजनीतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक, शैक्षिक, देशभक्ति, पर्व-त्योहार, पर्यावरण, शृंगार, हास्य-व्यंग्य, आदि अन्यानेक विषयों/ भावों) पर केन्द्रित मुक्तक/रुबाई/कत्अ एवं तद्विषयक सारगर्भित एवं तथ्यपूर्ण आलेख सादर आमंत्रित हैं।
इस संग्रह का हिस्सा बनने के लिए न्यूनतम 20-25 मुक्तक भेजे जा सकते हैं।
लेखकों-कवियों के साथ ही, सुधी-शोधी पाठकगण भी ज्ञात / अज्ञात / सुज्ञात लेखकों के चर्चित अथवा भूले-बिसरे मुक्तक/रुबाइयात/कत्आत भेजकर ‘सरस्वती सुमन’ के इस दस्तावेजी ‘विशेषांक’ में सहभागी बन सकते हैं। प्रेषक का नाम ‘प्रस्तुतकर्ता’ के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। प्रेषक अपना पूरा नाम व पता (फोन नं. सहित) अवश्य लिखें।
इस विशेषांक में एक विशेष स्तम्भ ‘अनिवासी भारतीयों के मुक्तक’ भी प्रकाशित करने की योजना है।
मुक्तक-साहित्य उपेक्षित-प्राय-सा रहा है; इस पर अभी तक कोई ठोस शोध-कार्य नहीं हुआ है। इस दिशा में एक विनम्र पहल करते हुए भावी शोधार्थियों की सुविधा के लिए मुक्तक-संग्रहों की संक्षिप्त समीक्षा सहित संदर्भ-सूची तैयार करने का कार्य भी प्रगति पर है।इसमें शामिल होने के लिए कविगण अपने प्रकाशित मुक्तक/रुबाई/कत्आत के संग्रह की प्रति प्रेषित करें! प्रति के साथ समीक्षा भी भेजी जा सकती है।
प्रेषित सामग्री के साथ फोटो एवं परिचय भी संलग्न करें। समस्त सामग्री केवल डाक या कुरियर द्वारा (ई-मेल से नहीं) निम्न पते पर अति शीघ्र भेजें-
जितेन्द्र ‘जौहर’
(अतिथि संपादक ‘सरस्वती सुमन’)
IR-13/6, रेणुसागर,
सोनभद्र (उ.प्र.) 231218.
मोबा. # : +91 9450320472
ईमेल का पता : jjauharpoet@gmail.com
यहाँ भी मौजूद : jitendrajauhar.blogspot.com

नेपाली भाषा के सम्मानित
नेपाली भाषा के सम्मानित साहित्यकारों से अनुरोध है कि वे अपने मुक्तक/रुबाइयात/कत्आत (हिन्दी अनुवाद या भावार्थ सहित) इस संग्रह में प्रकाशित करने के लिए भेजें।
भारत से प्रकाशित यह अब तक का सबसे बड़ा ‘मुक्तक/रुबाई विशेषांक’ होगा जो कि महत्त्वपूर्ण दस्तावेज बनेगा। भविष्य में इसे पुस्तक-रूप में भी प्रकाशित
करने की योजना है। यह विशेषांक आगामी शोध हेतु आधारभूत संदर्भ-ग्रंथ बन सके, ऐसा प्रयास किया जा रहा है।
Kumar Simkhada ji,
I hope
Kumar Simkhada ji,
I hope that the above mentioned ‘Muktak/Rubaai’ (special issue) of our ‘Saraswati Suman’ (a widely circulated Hindi magazine of India) will get your active co-opetation. Please manage to send in your Muktaks (quatrains) at your earliest. You may ask your fellow-poets to be a part of the same.
Please feel free to contact me at the following Mob/Email/Blog address for further information, if required.
Thanks & regards,
Jitendra Jauhar (A poet/Editor/Translator, India)
Mobile # : +91 9450320472
E-mail ID : jjauharpoet@gmail.com
My web address: http://jitendrajauhar.blogspot.com/