भोरमे मधुर आवाज अइलापर आनन्द नामानेवाला आदमी कमे होइ । आदमीयेना सड्डीत तथा मधुुर ध्वनिमे प्रकृतियो आनन्दमय होला । आजकाल उन्नत तरिकासे गाईभइस पोसेवाला कृषकलोग गोठमे देवीदेवेवताके भजनवजावल करेला । गोठके विभिन्न स्थानमे साउन्ड बक्समार्फत् मधुर आवाजमे भक्ति गीत एवं धुन बजलापर चौपायाभि आनन्दसे आपन आहार खाएके, आपसमे झगडा नाकरेके आ दूध ज्यादा देहल करेला वैज्ञानिकलोगभि प्र्रमाणित कचुकलबा । गीतके शब्द नबुझेवाला भि भक्ति गीतके सड्डीत तथा धुनमे मस्त आनन्द लिह सकेला । जेतरे मन्दिरके घण्टाके आवाजमे कर्र्कश ध्वनि नाहोला । उ मधुर, कर्र्णप्र्रिय आ आनन्दमयी होला ।

मधुर सड्डीत एवं ध्वनि जीवन देला । निंद नाआवेवाला व्यक्तिके सड्डीतके मधुर ध्वनिद्वारा सुतावल जासकेला । ओहितरे अध्ययनतर्फ मन नालागेवालाके मधुर गीत सड्डीतके ध्वनिसे एकाग्र करावत अध्ययनशील बनावल जासकेला । मधुर आवाजमे रेडियो भा टेलिभिजन नाबजवलातक अध्ययन करेमे मन नालागेवाला व्यक्तिलोग भि समाजमे बहुते बा । नदीके आवाज, पहाडके ठंडा हावा आ एकान्त जंगलमे चिरईके चिरबिर आवाजमे कविता लिखेवाला, उपन्यास आ कविता लिखेवाला बहुते बाडन । हमनिके ऋषिमुनिलोग कोलाहतसे दुर एकान्तमे तपस्या करके सिद्धि प्र्राप्त करततहे ।

वातावरणमे कोलाहल नाकरेवाला मधुर ध्वनि प्राणीखातिर वरदान ह, बाकि उहे ध्वनि आवश्यकतासे ज्यादा भइल त कोलाहलमे रूपान्तरित होके अभिशाप बनेला । संसारमे जेतना भि ध्वनिबाडसन, ओकराके मोटामोटी दुगो भागमे वर्गीर्ककरण कइल जासकता । मधुर ध्वनि आ कर्कश ध्वनि । दोसर शब्दमे कहलजाव त उत्पादनशील ध्वनि आ विनाशकारी ध्वनि । आवश्यकतासे ज्यादा कडा ध्वनि विनाशकारी ध्वनि ह । वैज्ञानिकलोग ध्वनि बमके आविष्कार कइले बा । प्र्रतिरक्षाखातिर कडा ध्वनि छोडलापर आक्रमणकारी घबडाके हतोत्साहित होला । हृदयरोग आ उच्च रक्तचापके रोगीलोगखातिर कडा ध्वनि बन्दुकके गोली सरह हि ह । दिनरात काम करके कुछो समय थकाइ मारेवाला मजदुर, परीक्षाके समयके विद्यार्थी, वृद्धवृद्धा, छोट बच्चा एवं रोगीलोगखातिर ध्वनि प्रदूषण आयु घटावेला । स्वच्छ, शान्त वातावरणमे बाचेके मानवके नैसर्गिक अधिकार ह । सवारीसाधनमे निर्र्धारित मापदण्डसे बडका आवाजमे हर्न बजावल, कवनो भि प्रचारप्रसार भा माइक, साउन्ड बक्स बडका आवाजमे बजावल, सार्वजनिक चौकके चौराहामे बडका बडका भोपु राखके कडा स्वरमे भाषण, भजन, प्रवचन करेवाला कार्य कानुनीरूपमे अपराध ह । बाकि एकराबारेमे मुलुकके अधिकांश नागरिक अनभिज्ञ बा । वातावरण संरक्षण आ मानव अधिकार तथा नागरिक अधिकारके बारेमे राज्यद्धारा सर्वसाधारणके जानकारी देवेवाला प्रयास नइखे कइलगइल । एगो अष्टयाममे पुलिसद्धारा माइक बजावेमे निषेध कइल आ जनताद्धारा पुलिसके विरुद्ध सडकजाम कइलाके कारण भि इहे ह । कानुन कार्यान्वयनखातिर नागरिक जागरण आवश्यक बा । अन्यथा लोककल्याणखातिर निर्धारित कानुन गर्दनके पास नाबनि कहल नाजासकेला ।

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