पागल भई सके म

नजिक नआउनु अब , आगो भई सके म
नछुनु भुलेर पनि, पागल भई सके म
बेदना का आशु थुप्रियेर
बर्षन खोजेको कालो बादल भई सके म
नछुनु भुलेर पनी, पागल भई सके म

तिमीले दिएका सास्ती सहदा सहदा
तिम्रा बेकार भावना मा बेकार बहदा
साच्ची भनौ, कायल भई सके म
नछुनु भुलेर पनी, पागल भई सके म

तिम्रा कुराहरु का चर्चा सुन्दा
देखे पनि नदेखेझै गरी आखा थुन्दा
आशु बगेर लतपतियेको कालो गाजल भई सके म
नछुनु भुलेर पनी, पागल भई सके म

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

2 thoughts on “पागल भई सके म”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *