Skip to content

टेमी दगेतैन

  • by
SudhaMishra

लाल सारीमे हरिएर किनारी
पहिरि ओढिए धिया सुकुमारी
जखन पुजलाय बैसल पावनि
गोरनार धिके निहारल रघुरारी

आजु हेतैन तेसर सिनुरदान
अही कुल सँ हेति धिया विरान
बाबुके बेटी पुतहुवा कहेथिन
दूर जाक उगथिन अतके चान

पान-टाका लय आँखि मुनेतैन
फुल सन बदन पर टेमी दगेतैन
छैक ई अजगुत रीत बड भारी
एक मिथिलानी किया डरेतैन?

जकरा छल पोसल नैनमे बसाइ
सेहो धिया हेथिन आब पराई
इयाह छैक अहिठामक चलन
कहिक मोनमा रखथिन बुझाइ

सुधा मिश्र
जनकपुर -४
धनुषा,नेपाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *