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बन्द करू दहेज प्रथाके (गीत)

KiranJha


बन्द करू बन्द करू बन्द करू
दहेज प्रथाके अन्त करू
करय छी बरागत सत सत प्रणाम
हटाऊ सब मिलिक दहेजक नाम ।

महामांस बेची जुनी कटु फुफाकर
आदर्श ब्याह करू बनु उदार
पुत्र अहाके रत्न समान
हटाऊ सब मिलिक दहेजक नाम ।

खेतक दरैर जेका मूह जुनी बाऊ
बरदक दाम जैका दाम नै लगाऊ
बेटा छैथ अहाके विद्वान
हटाऊ सब मिलिक दहेजक नाम ।

दहेजक आइगमे नै धियाके जराऊ
गाइर माइर अन्याय स धियाके बचाऊ
धिया त छैथ सिया समान
हटाऊ सब मिलिक दहेजक नाम ।

बेटा त छैथ अहाके गुणवान
बेटी त हम्मर कल्पविरिछ समान
युग परिवर्तन किरण अभियान
हटाऊ सब मिलिक दहेजक नाम ।

नेपालीमा भावानुवाद
(विवाहमा दाइजो माग्दै पशुसरह छोराको मोल नलगाउन र छोरीलाई दाइजोको आगोमा नजलाउन आग्रह गर्दै युग परिवर्तनको अभियानका लागि आदर्श विवाहमा जोड दिदै सबै मिलेर दाइजो प्रथा हटाउनु पर्ने गीतमा सन्देश दिइएको छ ।)

– किरण झा
साबिक बोरिया गाविस–५ सप्तरी
हाल राजविराज नगरपालिका–१६
अध्यक्ष, मैथिल महिला परिषद् शाखा बोरिया, सप्तरी
मोबाइल नम्बर : ९८१५७८४७०१
जन्मस्थान : गाउँ गजहारा, मधुवनी, बिहार
जन्ममिति : २६ जनवरी १९६७
शिक्षा : शास्त्री
पेसा : शिक्षक
संलग्न संस्था : अध्यक्ष, मैथिल महिला परिषद शाखा बोरिया, सप्तरी
कोषाध्यक्ष, मिथिला साहित्य कला प्रतिष्ठान नेपाल
आजीवन सदस्य, मैथिली साहित्य परिषद्, राजविराज, सप्तरी
प्रकाशित कृति : अपन मिथिलाक गीतक (किताब)
पल्लवी प्रिया (मैथिली बाल सन्दर्भ सामग्री)
देखुसाथी (गित किताब बाल सन्दर्भ सामग्री)
सूगा (कथा किताब मैथिली बाल सन्दर्भ सामग्री)
लेखकको बिधा : कविता, गीत, कथा

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