
नहि चाहिँ मोरा सीताके राम सन
नहि चाहि मोरा राधाके श्याम सन
नीक लगैय हमरा गौराके प्राणनाथ
चाहिँ पतिदेव हमरो भोलेनाथ
नहि बनबाक अछि सीता पुनिता
रहब असगर सँग ने रहता मीता
सँग मिलैत रहितो हिया सँ हिया
जिया सँ मिललाय तरसत जिया
प्रेमक प्रतीक छला राधा श्याम
एक दोसर सँ छलैन जुडल नाम
दुनु गोटे रहितो सदिखन करीब
मिलन नहि छलैन लिखल नसीब
गौराके वर सन जगमे नहि आन
शिव गौरी मिल बनल एक जान
हे महेश हमहु जल सँ नहादेब
हमरो वर चाहिँ हर हर महादेव
सुधा मिश्र
जनकपुर -४
धनुषा, नेपाल
