क्रान्तिकै बाटोमा उठौ है साथी !
जन्मेकै माटोमा उठौ है साथी !
मेटेका छैनन हिजोका रगत्,
रगत्कै टाटोमा उठौ है साथी !
अन्यायी मास्दा कोही मर्यौ भने
मर्नेकै साटोमा उठौ है साथी !
छोए पेट ऐया दुख्छ नि धेरै
गानोकै गाँठोमा उठौ है साथी !
कोही लेख्दै कथा, अन्यायी प्रथा
आ-आफ्नै पाटोमा उठौ है साथी !
मौषम छ चिसो गरीब् छौ नाङ्गै
धर्तीकै तातोमा उठौ है साथी !
