हमरे स सजितै दुनिया ककरो
मन होइय केउ रहैत हमरो
हमर उठब होइतै ओकर भोर
लोकैत सभटा हमर खसैत नोर
चुभे नहि काँट कहीं ओछबति फूल
तापलाय हमरा करैत धुपक घुर
पहिर लितौ हमहु प्रेमक पटोर
देखिक एना मोर बिहुसैत ठोर
खुलिक जुट्टी जाति केश लहरा
पैरक पाजेव जाति लडखरा
जीवन करैत हमरा पर निछावर
कहितै लोक ओकरा दिवाना पागल
आनि चान तारा सजबैत कंगना
चढाक महफा लजाति अंगना
सुधा मिश्र
जनकपुरधाम – ४
प्रदेश नं. २, धनुषा
