जितिया पावनि बड भारी
धियापुताके ठोकि सुतेलनि
अपने लेलनि भरि थारी
चुरा दही लय अंगुठन करब
सभ बहिन नोतब भाइके अपन
जाबे गंगा जमुनामे पानी बहे
ताबे हमर भाइके औंरदा रहे
मरुवाक रोटी आर रान्हल माछ
जितिया पावनिक परिकार खास
तेल खरी चढाबय पोखरी घाट
व्यञ्जन लय पितरानिक सत्कार
थुको नहि घोटिक निर्जल सहब
पोखरी बना पाखरि गाछ सजब
जिमूतवाहनके पूजब अराधब
खीरा वोकरीके प्रसाद चढायब
सन्तानलाय कायल कठिन उपवास
नहि कय अपन जीवनक प्रवाह
दीर्घायु स्वस्थ्य निक रहत सपूत
अहिस बढिक नहि कुनो सकून
सुधा मिश्र
जनकपुरधाम – ४
प्रदेश नं. २, धनुषा
