५.
वन–जंगल
प्रकृतिक श्रृंगार
विनाश रोकी ।
६.
पाकल लीची
घेरल छै जाल सँ
कौवा के घोल ।
७.
चितवन मे
एक सिंहक गैड़ा
धन्य निकुञ्ज ।
८.
कोइली गावे
महुवा के डारि पऽ
वासन्ती राग ।
मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार

