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चारिटा मैथिली हाइकु – २ (वन–जंगल)

20190926_BinitThakur-Haiku


५.
वन–जंगल
प्रकृतिक श्रृंगार
विनाश रोकी ।

६.
पाकल लीची
घेरल छै जाल सँ
कौवा के घोल ।

७.
चितवन मे
एक सिंहक गैड़ा
धन्य निकुञ्ज ।

८.
कोइली गावे
महुवा के डारि पऽ
वासन्ती राग ।

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार

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