डोला क सिनेहक बसात
वर्षा क प्रीतक वर्षात
उगल किऋण लाले -लाल
सु- स्वागत हे नव साल
उप्जै अन्न धन बाली
पसरै सभक घर बाली
पहिर कान दुनु सोनमा
पढै धियासँग ललनमा
नदी बहै अमृत धारा
जग रहैक कञ्चन सारा
बौआके भेटै घरपरिवार
वृद्धके सजल रहै संसार
गगन उगै सुरज आ चान
समुतल रहैक आसमान
एकेटा प्रभुके बहुतो नाम
झुकि क करै सभ प्रणाम
