४१.
जरैत दीप
चहुँ ओर इजोत
पेनी अन्हार ।
४२.
तेज चामुक
चलैय टमटम
हकमे घोडा ।
४३.
कोशी नदी मे
हेले माछक राजा
जलकपूर ।
४४.
चकबा खोजे
अपन चकवि के
कोशी किनार ।
विनित ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २
मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार ।

