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हँ हम स्त्री छी


सुरुज सँ बेसी धिपल छी
चान सँ बेसी शीतल छी
हँ हम स्त्री छी

सागर सँ बेसी गहिर छी
पर्वत सँ बेसी थिर छी
हँ हम स्त्री छी

ओर अन्तके दुरी सँ पार छी
सिनेह भरल गुलाब छी
हँ हम स्त्री छी

अपन आन सँ दूर छी
धैर्य वीरताक गरुर छी
हँ हम स्त्री छी

शत्रुलेल तीतगर छी
मीतलेल मीठगर छी
हँ हम स्त्री छी

बच्चा लाय जहर पिबैछी
वृद्ध लाय प्रहर बिसरैछी
हँ हम स्त्री छी

ईश्वरोके गर्भमे रखैछी
शिर उठा गर्व सँ चलैछी
हँ हम स्त्री छी

सुधा मिश्र
जनकपुरधाम -४
धनुषा, नेपाल

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