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चारिटा मैथिली हाइकु – १८ (गिद्धक आँखि)

20200604_BinitThakur-Haiku


६९.
चतुर नारी
खुजल बरद के
नाथत आब ।

७०.
पालल सुगा
पिँजरा सँ उडिते
भेल उदाम ।

७१.
गिद्धक आँखि
अस्सी जोजन देखे
फेकल मर ।

७२.
तेज चुट्टा सँ
पकरि टिकुली के
ककुरा फुद्दी ।

विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार

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