६९.
चतुर नारी
खुजल बरद के
नाथत आब ।
७०.
पालल सुगा
पिँजरा सँ उडिते
भेल उदाम ।
७१.
गिद्धक आँखि
अस्सी जोजन देखे
फेकल मर ।
७२.
तेज चुट्टा सँ
पकरि टिकुली के
ककुरा फुद्दी ।
विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २
मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार

