Skip to content

माँगिलेबै अहिबात गे

  • by
SudhaMishra

पावनि कय हम
पियाके दुलारी
सेनुर पिठारक थाप दक
पुजबै वरक गाछ गे
माँगि लेबै अहिबात गे

वर गाछ तर विपहर पुजबै
सउसे पात खोपामे खोसबै
लावा दूध मधुर अँकुरी सँग
चढेबै लिच्ची आम गे
माँगिलेबै अहिबात गे

नव बियन लँ गाछके हौकबै
घेटा-ज‍ोरी सेहो हम करबै
पिअर नुआ लाल चुरी पहिरक
करबै सोरह श्रृङ्गार गे
माँगिलेबै अहिबात गे

माँ सावित्री सँ आसिख लेबै
जाबत जिबै वरसाइत पुजबै
प्रीतक सुत सँ वरके लपेटिक
खोइछमे भरबै वरदान गे
माँगिलेबै अहिबात गे

सुधा मिश्र
जनकपुर -४
 धनुषा ,नेपाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *