कहिले घाम​ कहिले शित्त​ल​ खोजिन्छ​

कहिले घाम​ कहिले शित्त​ल​ खोजिन्छ​
स​धै सुन​ कहिलेकाहि पित्त​ल​ खोजिन्छ​
हात्ती पाले भ​न्नु त​ बेकार​ र​हेछ​,
शिकार​ खेल्न​लाई त​ चित्त​ल​ खोजिन्छ​ ॥

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