एहि धरती पर एकेटा चान
भाइ सन नहि केउ आन
सभ्य, शुन्दर, चंचल, विवेकी
भावक गुणी, कर्मठ आ सेवी
छै राखी भाइ के बन्हबै हाथ
तरबै तिलकोर आ लगेबै पान
सामा–चकेबा, भरद्वितिया, राखी
भैया सन पाहुन इजोरिया राति
यज्ञ, पाठ, पूजा करबै खुब दान
दीर्घायू लेल हम मंगबै वरदान
सुधा मिश्र
जनकपुरधाम – ४
प्रदेश नं. २, धनुषा
