छठि मैया के महिमा अपार
भक्ति मे डुबल अछि संसार
मैया आएल छथि गामक धार
जे मांगल से भेटल वरदान
गाई गोबर सँ भीर निपाओल
बाट–घाट सेहो निक सजाओल
जल मे ठाढ़ भऽ सुरुज अराधल
खेतक उब्जल नैवेद चढाओल
बाँसक कन्सुप्ती बाँसक सुप
माटिक सरबा मे गम्कल धुप
नहि पुरहित कोनो पंडित चाहिं
अपने सँ पूजा करथि नर–नारी
नहि केव उँच नहि केव नीच
संगही जरैय सभक शुभ दीप
गिरहत के अर्घ दैत छथि जन
मैया के करी हृदय सँ नमन
सुधा मिश्र
जनकपुरधाम – ४
प्रदेश नं. २, धनुषा
