चारिटा मैथिली हाइकु – १३ (बाणक वर्षा)

20200327_BinitThakur-Haiku


४९.
हऋण मस्त
अपन हिरणी मे
बाणक वर्षा ।

५०.
कचबचिया
करैया कचबच
पहर बोध ।

५१.
कारी ककुरा
अहारक खोजी मे
बच्चा सँ दूर ।

५२.
ऊँटक आँखि
कलशायल गाछ
पल मे नग्न ।

विनित ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार ।

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