६५.
चलैत लू मे
अकुलायल मोन
ठंढ़ा शर्बत ।
६६.
मगरमच्छ
दयालु साधू लग
बहाबे नोर ।
६७.
महा–भूकम्प
डोलल हिमालय
देशक छति ।
६८.
ठोस मचान
लतरल पान मे
साँपक बास ।
विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २
मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार :

