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चारिटा मैथिली हाइकु – १९ (शान्त नदी मे)

20200626_BinitThakur-Haiku


७३.
रातुक तारा
आकाशक दुलार
तृप्त नयन ।

७४.
सखुवा गाछ
चीर कऽ पासान के
परसे छाँही ।

७५.
बाघ आ भालू
बानर के जाल मे
खढि़या खुश ।

७६.
शान्त नदी मे
हेलैत चान देखि
खुश वसन्त ।

विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार :

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