मोहिनी छै अनुरागक डोर अँहु त तनिते हायब
दुरी सँ दुर दु मीत सही मोन सँ त मानिते हायब
मेसेज नहि हमरा नहि एक कल फोन सही
घरीघरी खोलि मोबाइल अँहु त देखिते हायब
हमर नयनक नोरके गेरुवाक सिनेह भेटल
सुतल नहि हम सही अँहु त जगिते हायब
भगेल कमी कसर हमरा स मानिरहल छी हम
बितल बात भुलि जायब अँहु त सोचिते हायब
प्रीतक पुकार सुनिक हियाके अरमान बुझिक
बाट जोहैछी हम अनुरागी अँहु त अबिते हायब
सुधा मिश्र
जनकपुर -४
धनुषा ,नेपाल
