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मधुर मिलनके आस यो (मैथिली गजल)


हरियर सारी हरियर चुरी हरियर छैक मास यो
मास छैक मधुमास इ मधुर मिलनके आस यो

दुर रहब नहि उचित अपन कनियाँ वियाही सँ
लौटु अपन मरैयामे कते हमरा करब उदास यो

पल पल अँहाक यादमे अँहिक सपना सजबै छी
हम अँहाक अँहा छी हमर बात बहुतछै खास यो

खोजलो सँ नहि भेटत एहन सिनेह प्यार दुलार
पति- पत्नीक नाता अनमोल करु इ एहसास यो

अहि छी हमर अहिबात भाग अँहिसँ श्रृङ्गारभाव
छुबिक हमर धडकनके गमका दिय ने साँस यो

सुधा मिश्र
जनकपुर -४
धनुषा ,नेपाल

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