वसन्त आऔ हिमाल पहाड तराईमे
फरफर पत्ता हालथै हाबासे रूखामे
इते उते लोग बैएर सब खुशीसे नाचथै
सबै मिलके खुशीसे नयाँ साल मनाथै

माघि और मेला मानथै होरी नाच गाइके
दिदी बहिनीया ददाभैया एकठिन आइके
शान्तिको सन्देश फैलामै अब सबै मिलके
अग्गु बडै राना थारू सबै भेदभाव भुलके

असार आउबमे आथै बहाडमे उल्हारी
लोग बैएर जाथै बनके लैके कुल्हारी
हम सब छोटे बच्चा पढै लिखै अग्गु बढै
हातमेहात मिलाएके देशको विकास करै

फरक भाषा पहिरन हमर पहिचान बनामै
बनजङ्गलको सरक्षणमे नयाँ पेण लगामै
सबै घेन रङ बिरङके फुला हेन लगाइके
सबै मिलके जिन्दगीमे खुशीके रङ सजामै

लाक्पा शेर्पा समर्पित
ताप्लेजुङ
हाल धनगडी कैलाली

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