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चारिटा मैथिली हाइकु – ९ (आन्हर साँप)

20191223_BinitThakur-Haiku


३३.
आन्हर साँप
मुँह मे छुछुन्नर
घोटत नहि ।

३४.
घोटि कऽ मृग
अजगर अचेत
पिबे बसात ।

३५.
साओन मास
कदम तर झूला
सखी उदास ।

३६.
विनु वर्षा के
खेत मे डोका सब
चुआबे लेर ।

विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २

मिथिलाक्षर (तिरहुता) दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार ।

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