९७.
चंदन गाछ
चुनमुन चिड़ैया
ससरे साँप ।
९८.
धनुषा धाम
बहैत बाल गंगा
पवित्र भूमि ।
९९.
मानिक दह
शुरमा शलहेश
जीवन्त तीर्थ ।
१००.
देखि महिस
नमरैत छै जोँक
भीजल घाँस ।
विनीत ठाकुर
मिथिला बिहारी नगरपालिका
मिथिलेश्वर मौवाही – ३
धनुषा, प्रदेश नं. – २
मिथिलाक्षर (तिरहुता) आ देवनागरी दुनु लिपिमे प्रकाशित कृति ‘वसुन्धरा’ हाइकु संग्रह सँ साभार :

